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Competition In Sorrow

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Do this experiment once. Next time when someone asks you ‘how are you?’, instead of telling ‘fine’, just mention that you are not, and enumerate one or two troubles you have. For example, ‘not fine, I don’t know, but since last couple of days I am feeling intense pain in my stomach’. Or, ‘my children not faring well in exams’, ‘my husband is too busy with his own work, and I am not able to handle so many things alone’. Or just anything. And then see the magic! Continue reading

चार दशक

25672223112_fe0f2b3e64_nजीवन के चार दशक पूर्ण हुए । यदि मूल्यांकन किया जाए, तो कुछ खास खोया नहीं । वस्तुतः जो खोया, उसका खोना अवश्यम्भावी था । प्रकृति के नियमों को स्वीकार कर लेने में ही बुद्धिमत्ता है ।

वैसे देखा जाए, तो कुछ विशेष प्राप्त भी नहीं किया । यदि कोई पूछे कि जीवन की परम उपलब्धि क्या है, तो शायद  विचार करने में समय लगेगा । किया तो बहुत कुछ है, सीखा भी बहुत कुछ है, किन्तु उन सभी का वास्तविक मूल्य क्या है, यह जानने का कभी प्रयास नहीं किया । Continue reading